Chhath Puja 2018

हिंदू मान्यताओं के अनुसार छठ/ एक पर्व है पुरुष और प्रकृति के संगम का ,जीवन के उन्माद का ओर अहंकार को त्याग कर समर्पण करने का। छठ को सामान्यतः पूर्वी भारत का त्यौहार माना जाता है, परंतु यह त्यौहार भारतीय आत्मा मे बसा है क्योंकि भारत की आत्मा है उसका अध्यात्म और यहाँ की प्रकृति।

इस साल छठ पूजा 13 नवंबर को है

छठ पर्व सूर्य देव ओर छठ मईया को समर्पित है। सूर्य देवता जिन्हे समस्त विश्व के पिता माना गया है। विज्ञान भी इस बात को मानता है की पृथ्वी पर मौजूद सारी ऊर्जा सूर्य से ही प्राप्त की गयी है और केवल पृथ्वी ही नही सभी ग्रहों की ऊर्जा का स्त्रोत सूर्य ही है।

हिंदू परंपराओं मे महिलाओं को कभी भी पुरुषों के कमतर नही समझा गया इस बात की झलक छठ पर्व मे भी मिलती है जहाँ छठ मईया का पूजन भी नारी शक्ति के रूप मे किया जाता है। छठ मईया को उषा देवी (प्रभात की देवी / सुबह की देवी) भी माना जाता है। ऊषा देवी नवीनता तथा पवित्रता का प्रतीक है।

इस त्यौहार से हमे ये सीख मिलती है कि हमारी हर सुबह, जीवन का हर चरण हर पल नया हो,एक नये जीवन की तरह हो जिसमे ऊर्जा, अध्यात्म, समर्पण, शालीनता और आशीर्वाद भरा हो।

छठ पूजा के अचूक उपाय

1.   सूर्य जीवन का देवता है, ऊर्जा का देवता है, यदि आपके घर मे किसी व्यक्ति को शारीरिक व मानसिक दुर्बलता है तो इस छठ पर्व उनके हाथों से सूर्य को अर्घ्य अवश्य करवाएँ इससे स्वास्थ्य तथा तेज मे वृद्धि होती है।

2.  यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है तो छठ पूजा के दिन तांबे का सिक्का या चाबें का चौकोर टुकड़ा बहते हुए जल में प्रवाहित करें, क्योंकि ताबें को सूर्य का कारक माना जाता है। ऐसा करने से आपको सूर्य दोष से राहत मिलती है।

3.  छठ पूजा के दिन दान-पुण्य अवश्य करना चाहिए। इस दिन किसी गरीब या जरूरतमंद को कपड़े, अन्न या अन्य जरुरी चीजों का दान करें। ऐसा करने से आपकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती है।

4.  यदि आपकी कुंडली में सूर्य दोष है तो छठ पूजा के दिन आप घर के पूजा स्थल में सूर्य यंत्र को स्थापित करे और रोज़ विधि-विधान से यंत्र की पूजा करे. ऐसा करने से आपकी कुंडली से सूर्य दोष हटने के साथ-साथ घर में सुख-शांति भी आती हैं।

5.  अगर आपकी कोई मनोकामना है तो छठ पूजा के दिन उगते हुए सूर्य को ताबें के लोटे से जल का अर्ध्य करे, ऐसा करने से वह पूर्ण होती है। जब आप सूर्य को अर्ध्य करें उस जल में कुमकुम और लाल फूल अवश्य डालें।

 

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